गेहूं का भाव बाजार में सोमवार का कारोबार मिलाजुला रहा। दिनभर अधिकांश बाजारों में भाव सीमित दायरे में रहे, लेकिन शाम होते-होते OMSS को लेकर बाजार में चर्चाएं तेज हो गईं, जिससे खरीदारों की धारणा कुछ मजबूत हुई। पिछले सप्ताह की शुरुआत से ही बाजार OMSS के इंतजार में था और इसी वजह से खरीदार हाथ खींचकर चल रहे थे। लेकिन अब तक सरकार की ओर से OMSS बिक्री की कोई आधिकारिक तारीख या रेट घोषित नहीं किए गए हैं, जिसके कारण बिकवाल भी पीछे हटने लगे हैं और बाजार में अनावश्यक दबाव कम हुआ है।
बाजार में गेंहू की कीमतों में आया चढ़ाव (Wheat Rate Today)
बाजार में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि FCI यदि OMSS के तहत गेहूं बेचता है तो URS गेहूं का रेट लगभग ₹2585 और FAQ गेहूं का रेट करीब ₹2600 प्रति क्विंटल रखा जा सकता है, जबकि इसके ऊपर फ्रेट अलग से लगेगा। व्यापारिक गणनाओं के अनुसार यदि पंजाब और हरियाणा से भी डिलीवरी ली जाती है तो अधिकांश उपभोक्ता क्षेत्रों में लागत ₹2650 प्रति क्विंटल से नीचे बैठना मुश्किल होगा, जबकि पूर्वी एवं दक्षिणी राज्यों में यही लागत ₹2700 या उससे ऊपर पहुंच सकती है। यही कारण है कि बाजार इस चर्चा को फिलहाल नकारात्मक की बजाय सहारा देने वाले संकेत के रूप में देख रहा है।
ये भी पढ़े :- Wheat rate today : गेंहू बाजार में उतार चढाव जारी , सरकारी खरीद लक्ष्य पूरा
कल बाजार में सबसे चर्चित खबर यह रही कि शाहजहांपुर में एक बड़ी MNC कंपनी ने स्थानीय बाजार भाव से ₹40-50 प्रति क्विंटल ऊंचे दाम पर खरीदारी की। इससे व्यापारियों के बीच यह संदेश गया कि निचले स्तरों पर माल की उपलब्धता उतनी आसान नहीं है जितनी दिखाई दे रही है। शाम के सत्र में कुछ बड़े खरीदारों द्वारा बल्क पूछताछ भी देखी गई, जिससे पूर्वी भारत के बाजारों में धारणा मजबूत हुई।
प्रमुख बाजारों में गेहूं के रेट (Wheat rate aaj ka)
प्रमुख बाजारों की बात करें तो कमजोर डिमांड और मुनाफावसूली के चलते दिल्ली लारेंस रोड पर गेहूं 25 रुपये टूट कर ₹2680-2685 प्रति क्विंटल रह गया। हालांकि दक्षिण और पूर्वी भारत में भावों में सुधार देखने को मिला है। भावों दो देखे तो उत्तर प्रदेश में जहांगीराबाद ₹2500, गोंडा ₹2470, गोरखपुर ₹2470, अतरौली ₹2460, खैर ₹2445, हरदोई ₹2440, सीतापुर ₹2435 तथा एटा ₹2385 प्रति क्विंटल रहे। मध्य प्रदेश में भोपाल लोकवन ₹2700-2800, दुरम ₹2400-2450 तथा मिल क्वालिटी ₹2300-2350 रही। राजस्थान में बारां टुकड़ी ₹2550-2625, मिल क्वालिटी ₹2450-2470, बूंदी ₹2400-2450 तथा अलवर मार्केट ₹2530 पर रहा। दाहोद मंडी एवं मिल भाव ₹2470 पर स्थिर रहे जबकि पटना में नया गेहूं ₹2550 प्रति क्विंटल पर कारोबार करता रहा।
गेहूं स्पेशल तेजी मंदी रिपोर्ट 2026
आटा, मैदा और सूजी के बाजार में कल माहौल पहले की तुलना में बेहतर दिखाई दिया। गोरखपुर मंडल में गेहूं, आटा, मैदा और सूजी ₹20-30 तक मजबूत हुए जबकि चोकर ₹30 कमजोर हुआ। गोरखपुर में गेहूं नेट ₹2650, आटा ₹2670, मैदा ₹2670 और सूजी ₹2770 रही। पटना में आटा एवं मैदा ₹1300 प्रति 49 किलो तथा सूजी ₹1380 रही। अमृतसर में गेहूं ₹2670, आटा ₹2750, मैदा ₹2930 और सूजी ₹2955 रही। कोलकाता में गेहूं ₹2680, आटा ₹2850, मैदा ₹2810 तथा सूजी ₹3180 पर स्थिर रहे। इससे संकेत मिल रहा है कि प्रसंस्कृत उत्पादों की मांग अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है।
बाजार की मजबूती का दूसरा बड़ा कारण घटती आवक और किसानों की कमजोर बिकवाली है। उत्तर प्रदेश में सरकारी खरीद सीजन समाप्त हो चुका है जबकि राजस्थान ने MSP खरीद 19 जून तक बढ़ा दी है और खरीद लक्ष्य 23.5 लाख टन से बढ़ाकर 28.5 लाख टन कर दिया है। किसान मौजूदा भावों पर आक्रामक बिक्री नहीं कर रहे हैं और स्टॉकिस्ट भी सीमित मात्रा में माल निकाल रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि पिछले 8-10 दिन मांग के लिहाज से सबसे कमजोर दौर था, लेकिन अब विवाह सीजन, स्कूल-कॉलेज खुलने और सामान्य खपत बढ़ने से मांग में सुधार देखने को मिल सकता है।
गेहूं का भाव कब बढेगा 206 (Genhu ka bhav kab badhega)
विदेशी बाजारों में तस्वीर अभी भी दबाव वाली बनी हुई है। रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बेहतर उत्पादन अनुमानों से वैश्विक गेहूं बाजार पर दबाव बना हुआ है। भारतीय गेहूं अभी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी गेहूं की तुलना में लगभग 20 डॉलर प्रति टन महंगा बैठ रहा है, इसलिए निर्यात मांग सीमित बनी हुई है। हालांकि बांग्लादेश और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ बाजारों में अवसर अभी भी मौजूद हैं।
क्या रहेगा गेहूं का भाव (Wheat Mandi Rate Today)
कुल मिलाकर बाजार का केंद्र बिंदु अब केवल OMSS बन चुका है। यदि सरकार OMSS का रेट बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुरूप ₹2585-2600 के आसपास रखती है तो उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में किसानों की बिकवाली और कमजोर हो सकती है तथा बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। फिलहाल रिकॉर्ड उत्पादन और रिकॉर्ड सरकारी खरीद के बावजूद बाजार में बड़ी कमजोरी दिखाई नहीं दे रही। जब तक OMSS को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं आती, तब तक गेहूं में स्थिरता से हल्की तेजी का रुझान बना रह सकता है। यदि अगले कुछ दिनों तक भी OMSS पर चुप्पी बनी रहती है तो प्रमुख बाजारों में ₹20-50 प्रति क्विंटल तक और सुधार से इनकार नहीं किया जा सकता।



