मुख्यमंत्री सहभागिता योजना सरकार ने पशुपालन को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन को बढाने के लिए सरकार ने बड़ा एलान किया है, महिला सशक्तिकरण और निराश्रित गोवंश को बचाने के लिए सरकार ने यह महत्वपूरण कदम उठाया है . इसके लिए सरकार ने एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया है,.
विश्व दुग्ध दिवस पर सरकार ने शुरू किया जागरूकता अभियान
विश्व दुग्ध दिवस के मौके पर दुग्ध विकास एवं पशुधन मंत्री धर्मपाल जी सिंह ने विधानसभा में ली गयी एक बैठक में निर्देश दिए की राज्य की समस्त गौशालाओ में 1 जून से लेकर 7 जून तक बड़े स्तर पर विशेष जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाए. इसके साथ ही सरकार का लक्ष्य इस योजना में ज्यादा से ज्यादा किसानो को जोड़ना है जिससे किसानो की और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले और उनकी आय में भी वृद्धि हो सके. इस अभियान की ख़ास बात यह भी है कि इस अभियान में जुडी महिला पशुपालको को सम्मानित किया जायेगा.
गोवंश पर मिलेगी 72000 रूपये की राशि सालाना
इस योजना में जिसका नाम उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सहभागिता योजना है इसके तहत गौपालन और गौपलको को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवा रही है. इस योजना में प्रति गौवंश 1500 रूपये प्रति माह की सहायता राशि सरकार द्वारा गौपालकों को दी जाएगी. सीके आलावा यदि कोई गौपालक 4 गौवंश रखता है तो उसे चारो गौवंश का कुल 72000 रूपये सालना सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाएगी, गौपालको को यह राशि 4 समान किश्तों मव दी जायेगी. जिससे गौपालन को बढ़ावा मिलेगा और गौपालको और किसानो को आर्थिक स्तिथि में भी सुधार होगा. इसके साथ साथ गोवंश को भी सहारा मिलेगा.
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पशुशेड के निर्माण की भी मिलेगी सुविधा
गौपालको को राज्य सरकार न केवल गौवंश पालने पर आर्थिक सहायता दे रही है बल्कि सिर्फ यही तक अपने प्रयास सिमित ना रखते हुए सरकार द्वारा पशुओ के उचित रखरखाव की भी उचित व्यवस्था सरकार द्वारा की गयी है. मनरेगा के तहत योजना में लाभान्वित पशुपालको को पशुशेड की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी. सरकार द्वारा इस योजना के तहत अधिकारियों को आदेश दे दिए गये है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानो और पशुपालको से वितीय बोझ कम करना और उनकी आर्थिक सहायता प्रदान करना है. इस योजना से ना केवल पशुपालको को आर्थिक सहायता मिलेगी बल्कि उनके लिए बेहतर आधारभूत सुविधाए भी मिल सकेगी. प्शुशेद के निर्माण से पशुओ को साफ़ सुथरा वातावरण मिलेगा जिससे पशुओ के दूध में बढ़ोतरी होगी और किसानो और पशुपालको की आय भी बढ़ेगी.
स्वच्छता और पर्यावरण सरंक्षण पर रहेगा विशेष ध्यान
सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत राज्य की सभी गौशालाओ में पर्यावरण और गौ कल्याण से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे जिसमे ना केवल पशुओ की स्वच्छता बल्कि उनके चारे और स्वच्छ रख रखाव की भी चर्चा की जाएगी, पर्यावरण सरंक्ष्ण के लिए प्रत्येक गौशाला में बड़े स्टार पर पौधारोपण का कार्यक्रम भी सरकार द्वारा चलाया जायेगा जिससे की पशुओ को ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक आवास मिल सके.



