नोहर अन्नपूर्णा रसोई पर 6 महीनो से लटक रहा ताला ,नगरपालिका सवालो के घेरे में

नोहर अन्नपूर्णा रसोई

नोहर (Thar Times): नोहर अन्नपूर्णा रसोई | राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अन्नपूर्णा रसोई योजना का उद्देश्य मजदूरों, जरूरतमंदों और गरीब तबके को मात्र 8 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था। लेकिन हनुमानगढ़ जिले के नोहर में यह योजना पिछले करीब 6 महीनों से ठप पड़ी हुई है। नोहर की दोनों रसोइयों पर ताले लटके हुए हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार शहर में प्रमुख रूप से तीन स्थानों — शिवाजी बस स्टैंड नोहर , भगवान महावीर पार्क और किसान कैंटीन—पर अन्नपूर्णा रसोई का संचालन होना था। इन स्थानों पर रोजाना मजदूर, रिक्शा चालक, गरीब और राहगीर सस्ते भोजन की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। बंद रसोइयों के कारण लोगों को बिना खाना खाए ही लौटना पड़ रहा है।

यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत का साधन थी, जो रोज कमाते और खाते हैं। मात्र 8 रुपये में मिलने वाला भोजन न केवल पेट भरता था बल्कि सम्मान के साथ भोजन करने का अवसर भी देता था। अब रसोई के बंद होने से गरीबों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

भुगतान न होने का बहाना या फिर कुछ और ???

रसोई संचालकों का कहना है कि सरकार की ओर से लंबे समय से भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में संचालन बंद करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर तत्कालीन ईओ का कहना है कि रसोई में अनियमितताओं के चलते इसे बंद किया गया है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द इस योजना को फिर से शुरू करना चाहिए, ताकि गरीब और मजदूर वर्ग को राहत मिल सके। अन्नपूर्णा रसोई जैसी योजनाएं सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।

बीते दिनों थार टाइम्स ने उठाई थी आवाज – वीडियो देखे

अब बड़ा सवाल यही है—क्या सरकार फिर से इस योजना को शुरू कर गरीबों को सस्ता और सम्मानजनक भोजन उपलब्ध कराएगी?

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