नोहर (Thar Times) : राजस्थान के नोहर से एक प्रेरणादायक चिकित्सा सफलता की खबर सामने आई है, जहां डॉ. सरोज जाखड़ सिहाग ने 75 वर्षीय महिला का जटिल vaginal hysterectomy ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर एक नई उम्मीद दी है। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा कौशल का उदाहरण है, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का भी प्रतीक है।
मरीज माता जी कमला लंबे समय से uterine prolapse (बच्चेदानी बाहर निकलना) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थीं। इस कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्य जैसे चलना-फिरना, बैठना-उठना तक मुश्किल हो गया था। लगातार दर्द, भारीपन और असहजता उनके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही थी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उनके साथ cystocele (पेशाब की थैली का बाहर आना) की समस्या भी जुड़ गई, जिससे पेशाब करने में कठिनाई और संक्रमण का खतरा बढ़ गया।
सरोज जाखड़ ने अपनी टीम का जताया आभार
इतनी अधिक उम्र में इस प्रकार की सर्जरी करना हमेशा जोखिम भरा होता है, लेकिन सरकारी अस्पताल नोहर की मेडिकल टीम ने आधुनिक तकनीक, सटीक जांच और सावधानीपूर्वक योजना के साथ इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. मेघना नैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने पूरे ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को सुरक्षित बनाए रखा।
नर्सिंग स्टाफ—शिशुपाल जी, राकेश जी, कमल जी, संजय जी, बथेरी बाई जी और पूरे वार्ड टीम ने उत्कृष्ट समन्वय और सेवा भाव के साथ इस सफलता में योगदान दिया। यह एक बेहतरीन teamwork in healthcare का उदाहरण है, जहां हर सदस्य ने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई।
ऑपरेशन के बाद मरीज तेजी से स्वस्थ हुईं और अब पूरी तरह ठीक होकर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं, जो जटिल से जटिल मामलों को संभालने में सक्षम हैं।
डॉ. सरोज जाखड़ सिहाग का यह कार्य समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है—कि सही इलाज, विश्वास और समर्पण से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण और बुजुर्ग मरीजों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है।
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